Sir john Posted September 22, 2010 Posted September 22, 2010 In india its time to impose cerfew. all state govt get center govt order to impose curfew in sensitive city/villages.(:((
Sir john Posted September 22, 2010 Author Posted September 22, 2010 intelligence on alert,in some places orders to shut off colleges and schools. two to three day holiday announced for school and college children.
asterix Posted September 22, 2010 Posted September 22, 2010 I knew Kangress will try to shift the focus from CWG fiasco..
Sir john Posted September 22, 2010 Author Posted September 22, 2010 i hope no riots take place but hindus extremist ...................:((
Sir john Posted September 22, 2010 Author Posted September 22, 2010 भरोसा नहीं भाजपा, विहिप, आरएसएस पर: दिग्विजय सिंह जबलपुर. कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि प्रमुख हिंदू संगठनों पर भरोसा नहीं कर सकते। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने सोमवार को कहा कि अयोध्या विवाद के संबंध में वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) पर भरोसा नहीं कर सकते,क्योंकि ये लोग कुछ भी कर सकते हैं। सिंह ने कहा कि 1992 में संघ परिवार द्वारा दाखिल किए गए हलफनामे पर विश्वास करके कांग्रेस ने एक गलती की थी। ज्ञात हो कि अयोध्या में जुटी हिंदुओं की भीड़ ने छह दिसम्बर, 1992 को बाबरी मस्जिद को जमींदोज कर दिया था। पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी सिंह ने कहा, ‘‘मैं भाजपा, आरएसएस, विहिप पर विश्वास नहीं कर सकता। वर्ष 1992 में हमने उनके हलफनामे पर विश्वास करके एक गलती की थी।’’ सिंह ने कहा कि उनके पास सूचना है कि संघ परिवार कुछ योजनाएं तैयार कर रहा है। इस बात की उम्मीद है कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ अयोध्या विवाद पर अपना फैसला 24 सितम्बर को सुना देगी। सिंह ने कहा कि पार्टी ने उत्तर प्रदेश के अपने सांसदों व विधायकों से कहा है कि 24 सितम्बर को वे अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में मौजूद रहे और सांप्रदायिक सौहाद्र्र बनाए रखने के लिए काम करें। सिंह ने आरोप लगाया है कि हिंदू कट्टरपंथी संगठनों द्वारा लोगों की भर्ती के लिए भोपाल और इंदौर में पोस्टर चस्पा किए गए हैं।
Sir john Posted September 22, 2010 Author Posted September 22, 2010 रिश्तों में बाधा नहीं बनेगा 9/24 का फैसला भोपाल. फैसला चाहे किसी के हक में आए,अमन चैन हर हाल में कायम रहेगा। मंगलवार को धर्मगुरुओं ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से एक सुर में यही बात कही। अयोध्या मामले में 24 सितंबर को आने वाले इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले की प्रतिक्रिया से निपटने के लिए मंगलवार को पुलिस कंट्रोल रूम में प्रशासन,पुलिस,जनप्रतिनिधि और धर्मगुरुओं की साझा बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद शहर काजी सैय्यद मोहम्मद फाजिल ने कहा कि फसाद सबसे बड़ा गुनाह है। उन्होंने नौजवानों से अपील की कि जज्बातों में बहकर वे कोई गलत कदम न उठाएं। जमीयत-ए-उलेमा के वाइस प्रेसीडेंट मुफ्ती अब्दुल रज्जाक ने कहा कि हम सबने तय किया है कि सब मोहब्बत से रहेंगे,फसाद नहीं होगा। गुफा मंदिर के महंत चंद्रमादास ने कहा कि न्यायपालिका सर्वोपरि है। उसका जो भी फैसला होगा, वह मान्य होगा। बैठक में कमिश्नर मनोज श्रीवास्तव, आईजी शैलेन्द्र श्रीवास्तव, एसएसपी आदर्श कटियार सहित विधायक आरिफ अकील, विश्वास सारंग, ध्रुवनारायण सिंह, नगर निगम अध्यक्ष कैलाश मिश्रा भी उपस्थित थे। सद्भावना रैली निकालेंगे धर्मगुरु: कमिश्नर ने बताया कि बैठक में इस बात पर भी सहमति हुई है कि सभी धर्मगुरु 23 सितंबर को सद्भावना रैली निकालेंगे। यह रैली शहर के महत्पूर्ण स्थानों का भ्रमण करेगी और लोगों से सद्भाव कायम रखने की अपील की जाएगी। फैसले के बाद धर्मगुरु और उनके प्रतिनिधि भी पुलिस के साथ संवेदनशील मोर्चो पर तैनात रहेंगे। 10 हजार जवान संभालेंगे सुरक्षा की कमान: आईजी शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि आरएएफ, क्यूआरएफ, एसटीएफ, एसएएफ, पीटीएस व जिला पुलिस बल के करीब 10 हजार जवान सुरक्षा की कमान संभालेंगे। संवेदनशील इलाकों में ज्यादा पुलिस बल तैनात किया जाएगा। मंगलवार शाम से पुलिस ने शहर में फ्लैग मार्च शुरू कर दिया है।
coffee_rules Posted September 24, 2010 Posted September 24, 2010 I think they should maintain the status quo and keep things the way it is. No verdict needed. The damage is already done, we don't want to lose human lives over this mess over and again. There is no end to this mess. I think over time, hindus will keep visiting and keep praying at the makeshift temple at the site and Muslims don't need it anyway. If the court settles the issue, the one of the side will get hurt and the rioters will take advantage of the situation.
Sir john Posted September 25, 2010 Author Posted September 25, 2010 We regret that we are unable to send SMS at this time, as The Govt Of India banned all SMS across India for next 72hrs, in view of the pending verdict on Ram Janmabhoomi-babri masjid tilte suit. SMS will be sent as soon as this ban is lifted on 25th of this month :((:((
Aaku Posted September 25, 2010 Posted September 25, 2010 We regret that we are unable to send SMS at this time' date= as The Govt Of India banned all SMS across India for next 72hrs, in view of the pending verdict on Ram Janmabhoomi-babri masjid tilte suit. SMS will be sent as soon as this ban is lifted on 25th of this month :((:(( what is this all bout? I tou can sms :dontknow:
asterix Posted September 25, 2010 Posted September 25, 2010 what is this all bout? I tou can sms :dontknow: Only Bulk SMS (to be sent to multiple users) is banned, I think. SirJ might be trying to send a generic SMS to all of his GFs..Tough luck..
Sir john Posted September 25, 2010 Author Posted September 25, 2010 Only Bulk SMS (to be sent to multiple users) is banned' date=' I think. SirJ might be trying to send a generic SMS to all of his GFs..Tough luck..[/quote'] i have one gf only.:finger:
Sir john Posted September 25, 2010 Author Posted September 25, 2010 i am using way2sms and mycantos for sendig free sms to my siblings and get failed..:((:((:((
Aaku Posted September 25, 2010 Posted September 25, 2010 Only Bulk SMS (to be sent to multiple users) is banned' date=' I think. SirJ might be trying to send a generic SMS to all of his GFs..Tough luck..[/quote'] Haha ooooooh !:--D
Sir john Posted September 25, 2010 Author Posted September 25, 2010 Haha ooooooh !:--D my siblings requesting me to sends some jokes,shayari from village,but i can't send them.:((:((:((
Sir john Posted September 29, 2010 Author Posted September 29, 2010 अयोध्*या: राम लला से दूर हुए भक्*त, चिदंबरम ने दिया सुरक्षा का वादा अयोध्या में विवादास्पद ज़मीन के मालिकाना हक को लेकर चल रहे 60 साल पुराने मुकदमे पर आने वाले फैसले का असर शहर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पर पड़ रहा है। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच इस मामले में गुरुवार को दोपहर बाद साढ़े तीन बजे अपना फैसला सुनाएगी। इस फैसले के मद्देनजर पूरे शहर में पुलिस, पीएसी और अर्द्धसैनिक बलों की कई कंपनियां तैनात हैं। सुरक्षा के तगड़े इंतजाम के चलते शहर एक छावनी में तब्दील में हो चुका है। पूरे प्रदेश में अलर्ट घोषित है। अयोध्या में विवादित ज़मीन पर बने अस्थायी मंदिर में रामलला के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पर इस मुकदमे का असर साफ देखा जा सकता है। सितंबर महीने में इस मंदिर के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या घट गई है। मंदिर से जुड़े सूत्रों के मुताबिक अगस्त में जहां करीब 12 लाख श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन किए थे, वहीं अगस्त में यह तादाद डेढ़ लाख पर आ गई। राम जन्मभूमि मंदिर के महंत आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा, 'पिछले कुछ दिनों में मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या करीब 60 फीसदी तक कम हो गई है। आम तौर पर सात से आठ हजार श्रद्धालू हर रोज़ मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं जबकि त्योहारों के वक्त करीब 15 हजार श्रद्धालु यहां आते हैं।' सत्येंद्र दास ने कहा कि पिछले हफ्ते जब से हाई कोर्ट ने फैसले की तारीख तय की है, तब से इस शहर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या एकदम से कम हो गई है। 25 सितंबर को करीब 2700 श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन किए। सूत्रों के मुताबिक इसमें सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात जवान भी शामिल हैं। फैसले के मद्देनजर केंद्र की तैयारी इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने नई दिल्*ली में बुधवार को भरोसा दिलाया कि कल आ रहे अदालती फैसले के मद्देनजर पूरे देश में शांति-व्*यवस्*था कायम रखने के लिए सुरक्षा के पुख्*ता इंतजाम किए गए हैं। चिदंबरम ने कहा, ' उत्तर प्रदेश में हर तरह के पुलिसबल को मिलाकर कुल एक लाख 90 हजार पुलिसकर्मी हैं। मेरा मानना है कि कानून व्यवस्था की स्थिति कायम करने के लिए यह संख्या काफी है। ' उन्होंने कहा, ' मेरा मानना है कि भारत अब नब्बे के दशक से आगे बढ़ चुका है, विशेषकर वे लोग जो 1992 के बाद पैदा हुए, उनका नजरिया एकदम अलग है। एक सरकार के रूप में हमने पर्याप्त कदम उठाए हैं और पर्याप्त संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की है और मुझे किसी तरह की कोई समस्या नहीं नजर आती। ' अयोध्या मामले में कोर्ट के फैसले के मद्देनजर केंद्र ने देश के 16 स्थानों पर अर्द्धसैनिक बलों को बड़ी संख्या में तैनात करने का फैसला किया है। ये ऐसे केंद्र हैं, जहां से जरूरत होने पर बलों को विमान से विभिन्न आशंकाग्रस्त इलाकों में भेजा जा सकता है। इसके लिए वायुसेना के मालवाहक विमानों एन-32 और आईएल-76 को आठ स्थानों पर तैयार रहने को कहा गया है। केंद्र ने सभी राज्यों को सलाह दी है कि वे सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट की स्थिति में रखें। गृह मंत्रालय ने देशभर में 32 संवेदनशील स्थानों की पहचान की है। इनमें से चार उत्तरप्रदेश में हैं। अनेक राज्यों में फैसले वाले दिन शिक्षण संस्थाएं बंद रहेंगी। केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने मंगलवार को सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी। वह मंत्रालय के कंट्रोल रूम भी गए थे। ऐसे रहेगी सुरक्षा व्यवस्था - केंद्र ने सभी राज्यों को पुलिसकर्मियों की छुट्टियों को लेकर सावधानीपूर्वक निर्णय लेने की सलाह दी है। - राज्यों को हर घंटे गृह मंत्रालय के कंट्रोल रूम को स्थिति की सूचना देने की सलाह। - जिन 16 स्थानों पर अर्द्धसैनिक बल के जवानों को रिजर्व में रखा गया है, उनमें दिल्ली, अहमदाबाद, कोयंबटूर और बेंगलुरू शामिल हैं। - वायुसेना के एएन32 और आईएल-76 मालवाहक विमानों को इन 16 में से 8 स्थानों पर तैनात किया गया है। - उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, मप्र और केरल को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह। - उत्तरप्रदेश में संवेदनशील इलाकों की निगरानी का जिम्मा आईजी स्तर के अधिकारी को सौंपने की सलाह। - राज्यों को ऐसे धार्मिक संगठनों और उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है, जो फैसले के मद्देनजर व्यापक जनांदोलन चलाने का ऐलान कर चुके हैं। :((
Alam_dar Posted September 29, 2010 Posted September 29, 2010 I have especially come here to say Good Luck to India for tomorrow. I just hope and pray that Indian system succeeds and no human loss take place tomorrow. Amin. Best Wishes from Pakistan. Alam_dar
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